छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताएं - 2019-20 के बजट की 10 बड़ी बातें

  1. कृषि ऋण माफ़ी
    इस बात में कम ही लोगों को शक है कि छत्तीसगढ़ की नई राज्य सरकार के बजट के केंद्र में किसान हैं। शपथ ग्रहण होते ही छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छोटे किसानों के ग्रामीण और सहकारी बैंकों के 6,230 करोड़ रुपए के शॉर्ट-टर्म लोन यानि अल्पकालीन ऋण माफ किए। मगर किसानों को ऋण से राहत दिलाने के लिए इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के व्यावसायिक बैकों को भी शामिल कर लिया गया। इससे तक़रीबन 4,000 करोड़ रुपए के अल्पकालीन कृषि ऋणों को भी माफ़ करने का फ़ैसला किया। बजट में इसके लिए 4,224 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई। 10,000 करोड़ रुपए की ऋण माफ़ी का फ़ायदा अब राज्य के करीब 20 लाख किसानों तक पहुंच गया है। कृषि लोन के साथ-साथ किसानों को राहत देने के लिए 207 करोड़ का सिंचाई कर भी सरकार ने माफ़ कर दिया है। इससे 15 लाख किसानों को फ़ायदा होगा। सिंचाई को मज़बूती देने के लिए सरकार ने 5 एच.पी. तक के कृषि पम्पों को मुफ़्त बिजली देने के लिए 2,164 करोड़ का बजट रखा है। साथ ही नए पम्प लगाने के लिए 100 करोड़ का बजट अलग से दिया है। सोलर एनर्जी से सिंचाई के लिए 467 करोड़ रूपए ख़र्च कर 20 हज़ार पम्प लगाए जाएंगे। नवीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए 300 करोड़ तो महानदी परियोजना के लिए 216 करोड़ दिए जाएंगे, अरपा-भैसाझार परियोजना के लिए 127 करोड़ रुपए का प्रावधान है, लघु सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 524 करोड़ और कमांड क्षेत्र में सिंचाई के लिए 116 करोड़ का बजट रखा गया है। बेमेतरा जिले में एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी खोलने का भी ऐलान किया गया है।
  2. धान ख़रीद मूल्य में 22 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा
    अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए भूपेश बघेल सरकार ने धान की ख़रीद क़ीमत में क़रीब 22 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा किया। अब राज्य में धान खरीद दर 2500 रूपए प्रति क्विंटल है। बजट में इसके लिए 5 हजार करोड़ रखे गए हैं। इससे 17 लाख से ज्यादा किसानों को फ़ायदा होगा। किसानों के लिए एक अहम ऐलान ये भी किया गया कि सोयाबीन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को 10 करोड़ और गन्ना बोनस के तौर पर 50 करोड़ देगी।
  3. ग़रीब परिवारों को हर महीने 35 किलो चावल
    कुपोषण से निपटने और सबको भरपेट भोजन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने हर राशन कार्ड धारी को हर महीने 35 किलो चावल देने का ऐलान किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना में 4 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है।
  4. बिजली बिल हुआ आधा
    सरकार का ज्य़ादा ध्यान गांवों की तरफ है मगर शहरी आबादी की भी अनदेखी नहीं की गई है। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बघेल सरकार ने बजट में 400 यूनिट तक बिजली बिल में आधी छूट देने का ऐलान किया। बिजली बिल हाफ़ का ये फ़ायदा 1 मार्च, 2019 से मिलेगा। इससे सरकार पर 400 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा।
  5. विधायक निधि अब 2 करोड़ की
    विधायक अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास का काम बेहतर तरीके से कर पाएं इसके लिए बघेल सरकार ने विधायक फंड को दोगुना कर दिया है। पहले ये फंड एक करोड़ का था। अब इसे बढ़ाकर दो करोड़ कर दिया गया है।
  6. बजट में आदिवासियों के लिए क्या?
    बजट में आदिवासी कल्याण पर दूसरी सबसे बड़ी रकम खर्च की गई है। आदिवासियों के लिए क़रीब 16 हज़ार करोड़ का प्रावधान रखा गया है। दरअसल नई सरकार अपने गठन के बाद से ही आदिवासियों को उनका हक़ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध दिखती है। पहले लोहंडीगुड़ा के 1700 से ज्यादा किसानों को स्टील प्लांट के लिए ली गई ज़मीन वापस देने की घोषणा की गई फिर रिजेक्ट कर दिए गए वन अधिकार आवेदनों की समीक्षा करने का भी फ़ैसला किया गया।
    राज्य में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में तेंदू पत्ता रोज़गार का बड़ा ज़रिया है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रति मानक बोरे की कीमत 2500 से बढ़ाकर 4000 रूपए कर दी। बजट में ये भी ऐलान किया गया कि कुलु गोंद, नागर मोथा, शहद, बेहड़ा, बेल का गूदा, कालमेघ, फूल-झाड़ू और पुवाड़ बीज समेत 15 नए फॉरेस्ट प्रॉडक्ट की खरीद भी सरकार अब समर्थन मूल्य पर करेगी। साल बीज, हर्रा, इमली, चिरौंजी, महुआ बीज, कुसमी लाख और रंगीनी लाख की ख़रीद पहले से ही समर्थन मूल्य पर हो रही थी।
  7. पेयजल
    गांवों में ग़रीबी की रेखा से नीचे के परिवारों को पीने का साफ़ पानी देने के लिए मिनीमाता अमृत नल योजना शुरू करने का ऐलान किया गया। इसके तहत घरों में फ़्री पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। कुल 30 हजार बी.पी.एल. परिवारों को घरेलू कनेक्शन देने का टारगेट है। गांवों तक साफ़ पानी पहुंचाने के लिए अलग-अलग योजनाओं में 440 करोड़ का बड़ा बजट रखा गया है। शहरों में पानी के ट्रीटमेंट और सप्लाई सुधारने के लिए करीब सवा सौ करोड़ का बजट दिया गया है। सभी संभागों में वाटर लैब बनेंगे।
  8. स्वास्थ्य
    बिलासपुर और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में मल्टी सुपर-स्पेश्येलिटी हॉस्पिटल खुलेंगे। जगदलपुर और रायगढ़ में ट्रॉमा सेंटर खुलेंगे। बिलासपुर में एक नया बर्न यूनिट खोलने की भी घोषणा की गई। रायपुर मेडिकल कॉलेज में पी.जी. की 25 सीटें बढ़ाने का भी ऐलान किया गया है। सिविल अस्पतालों, कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों और प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में सफ़ाई व्यवस्था के लिए 15 करोड़ की राशि का इंतज़ाम किया गया है। 5 नए कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, 10 प्राइमरी हेल्थ सेंटर और 25 उप-स्वास्थ्य सेंटर और गरियाबंद में नए जिला अस्पताल की इमारत बनाने का ऐलान किया है। प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में 24 घंटे इलाज देने के लिए 242 नर्सों की भर्ती की जाएगी। साथ ही सरगुजा में नए ज़िला अस्पताल के लिए 135 बहालियां होंगी।
  9. उद्योग को बढ़ावा
    राज्य के स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ‘जेम’ यानि ‘गर्वमेंट ई मार्केटप्लेस’ के माध्यम से सरकारी विभागों में खरीद समाप्त कर सी.एस.आई.डी.सी. (छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के ज़रिए खरीद का ऐलान किया गया है। इसके लिए राज्य का अपना पोर्टल भी बनाया जाएगा। 11 इंडस्ट्रियल एरिया में इन्फ्रास्ट्र्क्चर के विकास पर 20 करोड़ खर्च किए जाएंगे। दुर्ग, सरगुजा और जगदलपुर में उद्यमिता विकास संस्थान खोले जाएंगे। इंडस्ट्री लगाने के लिए 75 करोड़ और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 5 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है।
  10. रोड और ट्रांसपोर्ट
    बजट में 3500 नई सड़कें बनाने की घोषणा की गई है। साथ ही 102 नए पुल बनाने का भी ऐलान किया गया है। रेल मार्ग के लिए 317 करोड़ का प्रवधान राज्य सरकार ने 2019-20 के अपने बजट में किया है।